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शुक्रवार, 23 सितंबर 2022

सागर के बढादेव पेनठाना पर मनाया जा रहा है बड़े धूमधाम से वार्षिक स्थापना उत्सव

 23 सितंबर 2022 शुक्रवार से 25 सितंबर तक आयोजित होगा कार्यक्र

स्थान बडतुमा नगर पालिका मकरोनिया जिला सागर

तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजन समिति समस्त गोंड समाज महासभा आदिवासी  समुदाय ने किया आयोजन

मुख्य रुप से सागर जिला की गोंड समाज महासभा, इस कार्यक्रम का आयोजन 2015 से करती आ रही है इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है हमारी प्राकृतिक संस्कृति गोंडी  रीति रिवाज आदिवासी समुदाय के भुमका, द्वारा धर्म संस्कृति के बारे में तीन दिवसीय कोया पुनेम चल रहा है।गोंडसमाज महासभा और अखिल गोंडसमाज के पद अधिकारी सामिल हुई और 

आदिवासी समाज के बहुत बढी संख्या मे जनसमुदाय शामिल हुआ जगा राजेन्द्र मसकोले धर्मचार जी प्राकृतिक उपदेश दिये और 


गुरुवार, 4 अगस्त 2022

क्यों बनाया जाता हैं विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को ?

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित है

     International Day of the world indigenous peoples
 इस वर्ष की थीम है
 पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और प्रसारण में स्वदेशी मुलनिवासी आदिवासी  महिलाओं की भूमिका


विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है 
अंतर्राष्ट्रीय कार्यदल का गठन 9 अगस्त 1982 में हुआ था पहली बैठक 9 अगस्त को हुई थी यही कारण है कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय कार्यदल का गठन इसलिए हुआ था कि पूरी दुनिया में आदिवासियों द्वारा प्राकृतिक सरक्षंण करने वाले आदिवासियों को उनके रक्षण के लिए दुनिया भर में कोई उपाय नहीं था इसलिए उनको बचाने और उनकी सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व आदिवासी पटल पर उनके संस्था आस्तिव में आई  आदिवासी के रूप में यह दिन निश्चित किया गया 9 अगस्त को पहले कोलम्बस दिवस भी कहते थे क्यों बढे उपनिवेशवाद को खत्म करने के लिए।
विश्व आदिवासी दिवस आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोग का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है यह घटना उन उपलब्धियों और योगदानों को भी स्वीकार करती है जो मूल निवासी लोग पर्यावरण संरक्षण जैसे विश्व के मुद्दे को बेहतर बताने के लिए करते हैं

विश्व में आदिवासी
विश्व में आदिवासी समुदाय की जनसंख्या लगभग 37 करोड है जिसमें लगभग 5000 अलग-अलग आदिवासी समुदाय और इनकी लगभग 7000 भाषाएं आदिवासी समाज के उत्थान और उनकी संस्कृति व सम्मान को बचाने के लिए हर साल 9 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस के तौर पर मनाया जाता है भारत समेत विश्व के कई देशों में आदिवासी जाति के लोग रहते हैं उनका रहन-सहन खान-पान और रीति-रिवाज और पहनावा आदि बाकी अन्य लोगों से अलग होता है समाज की मुख्यधारा से कटे होने की वजह से दुनिया भर के आदिवासी लोग आज भी पिछड़े हुए हैं हालांकि समाज की मुख्यधारा में जुड़ने और आगे बढ़ाने के लिए देश दुनिया में तमाम तरह के सरकारी कार्यक्रम और सरकारी कार्य चलाए जा रहे हैं 

भारत में देश की आजादी में भी आदिवासियों का बड़ा महत्व है आजादी  की लड़ाई के समय बिरसा मुंडा झारखंड छोटानागपुर क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाई थी मध्यप्रदेश में भी आदिवासियों ने विशेष भूमिका निभाई थी रघुनाथ शाह शंकर शाह तोप के मुंह में बांधकर उड़ा दिया गया था हर क्षेत्र में आदिवासियों ने अपना अंग्रेजों के  प्राणों की आहुति दी हैं। नागपुर का विद्रोह छोटा संथाल विद्रोह गारो खासी की लड़ाई भील प्रदेश का आंदोलन आंध्र प्रदेश के गोंड झारखंड के आदिवासी समुदाय संथाल समूह का विद्रोह तमाम प्रकार की लड़ाइयां लड़ी है देश की आजादी में आदिवासी समुदाय ने 1603 से स्वतन्त्र तक 

मई 1995 - 2004 को पहला अंतरराष्ट्रीय दर्शको घोषित गया था यूएनओ ने वर्ष 2004 में 2015 को दूसरे अंतरराष्ट्रीय दर्शक की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 दिसंबर 1994 को संकल्पित 49/ 214 द्वारा प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाएगाज़्यादा जानकारी को पढों

गुरुवार, 7 अप्रैल 2022

व्याख्यान अवचेतन मन की शक्ति

दिनांक 7 अप्रैल 2022 समय दोपहर  1:00 बजे से
स्थान  स्वर्ण जयंती सभागृह  डां गौर  विश्वविद्यालय परिसर सागर।     
आयोजक प्लेसमेंट स्टार्टअप एंड स्किल डेवलापमेंट सेल एवं मानविकी व समाज विज्ञान संकाय 
   सभागृह मे बैढे श्रोतागण

स्वागत भाषण अंबिका दत्त शर्मा भाषण किसी पर कहानी क्यों लिखी जाए 
आपके पास और आपके संपूर्ण सोच में एक ऐसी शक्ति है जिसे हम और अवचेतन मन की शक्ति कहते हैं और सोच को समझना और उसके अनुसार काम करना या उसको अपने अनुसार काम कराना यह सब चेतन मंन ऊपर होता है चेतन और अवचेतन मन मिलकर ही आपको अपने आसपास के वातावरण को और आप जैसा सोचते हैं वैसा बनाता है यह बिल्कुल सत्य है ठीक है संसार में ऐसे कई उदाहरण हैं आप अपने आप में आप जो भी सोचते हैं आप उस काम को उसी दिन कर देते हैं लेकिन बस आप उस धारा पर चलते-चलते आप उस दिन का इंतजार करते हैं जिस दिन आप उस में सफल होते हैं सबसे पहले कोई आपके अंदर विचार आया कि मुझे यदि दिल्ली जाना है तो आप वहां पहुंच गए बशर्ते आप उसके अनुसार चले तभी पहुंच पाए नहीं तो संसार में ऐसे कई अनेकों काम आ जाते हैं व्यक्ति के पारिवारिक सांसारिक जिन वजह से वह पीछे हटते जाता है और उसका काम नहीं बनता संसार में इस प्रकार से कई उदाहरण हैं जहां में देखने को मिलते ही रहते हैं  अभचेतन मन की शक्ति को समझना और उस पर अमल कर कर चलना कोई कठिन काम नही हैऔर संयम से अपना काम करें तभी आप चेतन मन की शक्ति को समझ पाएंगे अवचेतन मन की शक्ति वह शक्ति है संसार है यह पूजा का पूरा ब्रह्मांड अवचेतन मन की शक्ति है और अवचेतन मन को समझें उस पर अमल करें उस पर कार्य करने की इच्छा करें ध्यान योग नियम संयम सबसे पहली अच्छी सोच विचार धाराओं को बदलें इससे आप अपने अवचेतन मन की शक्ति को एक संगठित रूप में शक्ति के रूप में विकास कर पाएंगे ऐसे जो सोचेंगे तो हमेशा सकारात्मक सोच करें किसी भी समय आप उल्टा ना सोचे जब आप बोलते हैं कि यार मेरा साथ तो ऐसा ही होगा मेरी किस्मत खराब है तो आपका अवचेतन मन एक्टिव हो जाता है और उसको चेतन मन के संकेत का इंतजार होता है और लगातार इसी तरह आप कहीं ना कहीं मेरे काम बिगड़ रहे हैं यह एक संकेत है आप ऐसा वातावरण बनाए जिससे आपका चेतन अवचेतन मन जो भी आपसे मुंह से निकलता है जो आपकी वाणी से निकलता है वह इस ब्रह्मांड में संगठित होता जाता है और आपके लिए वह दुगनी ताकत के साथ पुनः वापस आता है इसलिए इस बात को समझें और हमेशा अपने बारे में अच्छा सोचे तभी आप कुछ एक नया और एक अच्छा कर पाएंगे क्योंकि आपका चेतन मन केवल और केवल 5% काम ही करता है और अवचेतन मन 95% काम करता है इसलिए इस बात को बिल्कुल भी अपने दिमाग से हटा दें दिल दिमाग सोचने की भी प्रक्रिया चेतन और अवचेतन मन है कभी-कभी हम कहते हैं कि यार दिल तो कह रहा है कि ऐसा कर लो लेकिन दिमाग काम नहीं कर रहा जो दिल है वही अवचेतन मन है इसलिए इस बात को समझें सकारात्मक ऊर्जा के साथ अपने हमेशा निर्णय लें सफलता आपके साथ होगी हमेशा अच्छा सोचें अच्छा विचार करें कभी अपने बारे में बुरा ना कहीं कम से कम अपने आप से तो बिल्कुल भी नहीं क्योंकि ऊर्जा ना तो कभी नष्ट की जा सकती है और ना ही कभी उत्पन्न की जा सकती है केवल और केवल इसका रूप रूपांतरण ही होता है





धन्यवाद दोस्तों 
मैं पुष्पेंद्र सिंह

गोंडसमाज का सागर के बढतें कदम

      सागर गोंडसमाज समाज महासभा  के बढतें कदम , सागर संभागीय कमेटी के संभागीय अध्यक्ष ने  आपनी टीम का गठन करते हुये ,मनोज सोयाम बमोरी  को सं...